अपनी मासिक होम लोन EMI, कुल ब्याज और पूरी अमॉर्टाइज़ेशन अनुसूची की गणना करें। प्रॉपर्टी टैक्स, बीमा, PMI और अतिरिक्त भुगतान विश्लेषण शामिल है।
लोन विवरण
INR
%
INR
%
30 वर्ष
कर और बीमा
INR
INR
चुकौती का तरीका
वर्ष
मूलधन चुकौती शुरू होने से पहले केवल ब्याज वाले वर्ष। 0 = कोई नहीं।
INR
INR
INR
मासिक EMI (मूलधन और ब्याज)
₹1,438.92
कुल ब्याज
₹2,78,013
लोन की कुल लागत
₹5,18,013
चुकौती तिथि
अग॰ 2056
360 भुगतान
अमॉर्टाइज़ेशन अनुसूची
वर्ष
भुगतान
मूलधन
ब्याज
शेष राशि
1
₹17,267
₹2,947
₹14,320
₹2,37,053
2
₹17,267
₹3,129
₹14,138
₹2,33,924
3
₹17,267
₹3,322
₹13,945
₹2,30,602
4
₹17,267
₹3,527
₹13,740
₹2,27,075
5
₹17,267
₹3,744
₹13,523
₹2,23,331
6
₹17,267
₹3,975
₹13,292
₹2,19,355
7
₹17,267
₹4,221
₹13,047
₹2,15,135
8
₹17,267
₹4,481
₹12,786
₹2,10,654
9
₹17,267
₹4,757
₹12,510
₹2,05,897
10
₹17,267
₹5,051
₹12,216
₹2,00,846
11
₹17,267
₹5,362
₹11,905
₹1,95,484
12
₹17,267
₹5,693
₹11,574
₹1,89,791
13
₹17,267
₹6,044
₹11,223
₹1,83,747
14
₹17,267
₹6,417
₹10,850
₹1,77,330
15
₹17,267
₹6,813
₹10,455
₹1,70,518
16
₹17,267
₹7,233
₹10,034
₹1,63,285
17
₹17,267
₹7,679
₹9,588
₹1,55,606
18
₹17,267
₹8,152
₹9,115
₹1,47,454
19
₹17,267
₹8,655
₹8,612
₹1,38,798
20
₹17,267
₹9,189
₹8,078
₹1,29,609
21
₹17,267
₹9,756
₹7,511
₹1,19,853
22
₹17,267
₹10,358
₹6,909
₹1,09,496
23
₹17,267
₹10,996
₹6,271
₹98,499
24
₹17,267
₹11,675
₹5,592
₹86,825
25
₹17,267
₹12,395
₹4,872
₹74,430
26
₹17,267
₹13,159
₹4,108
₹61,271
27
₹17,267
₹13,971
₹3,296
₹47,300
28
₹17,267
₹14,833
₹2,435
₹32,467
29
₹17,267
₹15,747
₹1,520
₹16,720
30
₹17,267
₹16,719
₹548
₹1
यह कैलकुलेटर केवल सूचना उद्देश्यों के लिए है। यह वित्तीय सलाह नहीं है।
होम लोन कैलकुलेटर। मासिक EMI, कुल ब्याज और अमॉर्टाइज़ेशन अनुसूची।
होम लोन कैलकुलेटर लोन राशि, ब्याज दर और अवधि के आधार पर मूलधन, ब्याज, टैक्स, बीमा और PMI को मिलाकर मासिक EMI का अनुमान लगाता है। यह पूर्ण अमॉर्टाइज़ेशन अनुसूची तैयार करता है जो दिखाती है कि हर भुगतान ब्याज और मूलधन में कैसे बँटता है।
होम लोन (मॉर्गेज) क्या है?
होम लोन एक सुरक्षित ऋण है जो घर या फ्लैट खरीदने के लिए बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से लिया जाता है, जिसमें खरीदी जाने वाली संपत्ति ही गारंटी (कोलैटरल) के रूप में काम करती है। भारत में मार्च 2026 तक, SBI की होम लोन ब्याज दर 7.25% से 8.50% प्रतिवर्ष, HDFC बैंक की 8.15% से और बजाज हाउसिंग फाइनेंस की 7.15% से शुरू होती है।
भारत में होम लोन की EMI (समान मासिक किस्त) की गणना फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन पद्धति से होती है, जिसमें पूरी लोन अवधि के दौरान एक निश्चित मासिक राशि चुकानी होती है। हर EMI में दो हिस्से होते हैं — मूलधन (आपके लोन का बैलेंस घटाने वाला हिस्सा) और ब्याज (उधार लेने की लागत)। शुरुआती वर्षों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है, और समय के साथ यह अनुपात बदलता है जिससे अधिक राशि मूलधन में जाने लगती है।
आपकी कुल मासिक हाउसिंग लागत सिर्फ EMI तक सीमित नहीं होती। इसमें प्रॉपर्टी टैक्स, होम इंश्योरेंस और संभावित प्रोसेसिंग फीस भी शामिल होती है। इसके अलावा, भारत सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पात्र खरीदारों को ब्याज पर 3% से 6.5% तक सब्सिडी मिल सकती है, जो EMI को काफी कम कर सकती है।
होम लोन की EMI कैसे कैलकुलेट करें?
होम लोन की EMI कैलकुलेट करने के लिए आपको तीन मुख्य जानकारियाँ चाहिए: लोन राशि (संपत्ति की कीमत में से डाउन पेमेंट घटाकर), वार्षिक ब्याज दर, और लोन अवधि (वर्षों में)। यहाँ चरण-दर-चरण प्रक्रिया दी गई है:
1. लोन राशि निर्धारित करें। संपत्ति की कीमत में से डाउन पेमेंट घटाएँ। उदाहरण के लिए, ₹50,00,000 का घर और 20% डाउन पेमेंट (₹10,00,000) का मतलब है ₹40,00,000 की लोन राशि।
2. वार्षिक ब्याज दर को मासिक दर में बदलें। वार्षिक दर को 12 से विभाजित करें। 8.50% पर मासिक दर = 0.0850 / 12 = 0.007083।
3. कुल किस्तों की संख्या निकालें। लोन अवधि (वर्षों में) को 12 से गुणा करें। 20 साल के लोन में 240 किस्तें होती हैं।
4. EMI फॉर्मूला लगाएँ। इन मानों को मानक एमॉर्टाइजेशन फॉर्मूला (अगले सेक्शन में दिया गया) में डालकर मासिक मूलधन और ब्याज की EMI निकालें।
5. अतिरिक्त खर्चे जोड़ें। वार्षिक प्रॉपर्टी टैक्स और इंश्योरेंस प्रीमियम को 12 से विभाजित करके बेस EMI में जोड़ें।
ऊपर के उदाहरण में (₹40,00,000 का लोन, 8.50% ब्याज, 20 साल), मासिक EMI लगभग ₹34,686 आती है। पूरे 20 वर्षों में आप कुल ₹83,24,640 का भुगतान करेंगे — यानी ₹43,24,640 सिर्फ ब्याज के रूप में, जो मूल लोन राशि से भी अधिक है। यही कारण है कि ब्याज दर में मामूली कमी भी लाखों रुपये बचा सकती है।
होम लोन EMI का फॉर्मूला
EMI=P×(1+r)n−1r(1+r)n
EMI = समान मासिक किस्त (मूलधन + ब्याज)
P = मूल लोन राशि (संपत्ति की कीमत - डाउन पेमेंट)
r = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर को 12 से विभाजित करें)
n = कुल मासिक किस्तों की संख्या (लोन अवधि वर्षों में × 12)
यह फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन फॉर्मूला है जिसका उपयोग भारत के लगभग सभी बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियाँ करती हैं। यह पूरे लोन अवधि के दौरान एक निश्चित मासिक भुगतान देता है।
उदाहरण: ₹30,00,000 का लोन, 8% वार्षिक ब्याज, 20 साल के लिए। मासिक दर = 0.08 / 12 = 0.00667, कुल किस्तें = 240।
20 वर्षों में कुल भुगतान ₹60,22,320 होगा — यानी ₹30,22,320 केवल ब्याज है, जो मूल लोन राशि के बराबर है। यही कारण है कि छोटी ब्याज दर में कमी या अतिरिक्त भुगतान (प्रीपेमेंट) से लाखों रुपये बचाए जा सकते हैं।
कुल मासिक हाउसिंग खर्च के लिए, अतिरिक्त लागतें जोड़ें:
भारत में प्रोसेसिंग फीस आमतौर पर लोन राशि की 0.25% से 1% तक होती है (SBI में 0.35% + GST), जो लोन राशि में नहीं जुड़ती बल्कि अलग से देनी होती है।
होम लोन EMI के उदाहरण
पहली बार घर खरीदने वाला: ₹50 लाख का फ्लैट, 20% डाउन पेमेंट
एक युवा पेशेवर ₹50,00,000 का फ्लैट खरीदता है और 20% डाउन पेमेंट (₹10,00,000) देता है, जिससे लोन राशि ₹40,00,000 होती है। SBI से 8.25% ब्याज दर पर 20 साल का लोन लेने पर मासिक EMI लगभग ₹34,099 आती है। 20 वर्षों में कुल भुगतान ₹81,83,760 होगा — जिसमें ₹41,83,760 सिर्फ ब्याज है। अगर यह खरीदार PMAY के तहत EWS/LIG श्रेणी में आता है, तो 6.5% तक ब्याज सब्सिडी मिल सकती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर काफी कम हो सकती है और लाखों रुपये की बचत हो सकती है। इसके अतिरिक्त, पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 80C के तहत मूलधन पर ₹1.5 लाख और धारा 24(b) के तहत ब्याज पर ₹2 लाख तक की वार्षिक कर छूट मिलती है।
15 साल बनाम 20 साल की लोन अवधि: ₹40 लाख के लोन की तुलना
₹40,00,000 के लोन पर 8.50% ब्याज दर पर दो अवधियों की तुलना करें। 20 साल की अवधि में मासिक EMI ₹34,686 आती है और कुल ब्याज ₹43,24,640 चुकाना पड़ता है। 15 साल की अवधि में EMI बढ़कर ₹39,359 हो जाती है — यानी ₹4,673 प्रति माह अधिक। लेकिन कुल ब्याज घटकर ₹30,84,620 रह जाता है। 15 साल चुनने से ₹12,40,020 की ब्याज बचत होती है। अगर आपकी मासिक आय ₹1,00,000+ है और कोई अन्य बड़ा लोन नहीं है, तो कम अवधि चुनना समझदारी है। लेकिन अगर EMI आपकी आय का 40% से अधिक हो रही है, तो 20 साल की अवधि चुनें और बाद में प्रीपेमेंट करें।
प्रीपेमेंट का जादू: हर महीने ₹5,000 अतिरिक्त भुगतान करने का प्रभाव
₹35,00,000 का लोन, 8.50% ब्याज, 20 साल की अवधि में बेस EMI लगभग ₹30,350 है। अगर आप हर महीने ₹5,000 अतिरिक्त मूलधन भुगतान करते हैं, तो लोन लगभग 15.5 वर्षों में चुक जाता है — यानी 4.5 साल पहले। कुल ब्याज ₹37,84,000 से घटकर ₹28,50,000 हो जाता है — लगभग ₹9,34,000 की बचत। RBI के जनवरी 2026 के नए नियम के अनुसार, फ्लोटिंग रेट होम लोन पर कोई प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं लगती, जिससे प्रीपेमेंट करना और भी फायदेमंद हो गया है। पहले 5-7 वर्षों में प्रीपेमेंट करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इस दौरान EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है।
होम लोन पर पैसे बचाने के सुझाव
कम से कम 20% डाउन पेमेंट दें। ₹50 लाख के घर पर 10% की बजाय 20% डाउन पेमेंट देने से लोन राशि ₹5 लाख कम होती है, जिससे 20 साल में ₹5-6 लाख की ब्याज बचत होती है। RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, अधिकांश बैंक 80% LTV (Loan-to-Value) तक ही लोन देते हैं।
कम से कम 3-4 बैंकों से ब्याज दर की तुलना करें। SBI, HDFC, ICICI, बैंक ऑफ बड़ौदा और बजाज हाउसिंग फाइनेंस जैसी संस्थाओं की दरों में 0.25% से 1% तक का अंतर हो सकता है। ₹40 लाख के 20 साल के लोन पर सिर्फ 0.50% कम दर से लगभग ₹2,80,000 की बचत होती है।
जब भी संभव हो, अतिरिक्त मूलधन भुगतान (प्रीपेमेंट) करें। बोनस, इन्क्रीमेंट या टैक्स रिफंड की राशि सीधे लोन के मूलधन में डालें। RBI के जनवरी 2026 के नियम के अनुसार, फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लगता।
अपना CIBIL स्कोर 750 से ऊपर रखें। 750+ स्कोर पर बैंक सबसे कम ब्याज दर देते हैं। 700 से नीचे होने पर दर 0.5% से 1% तक बढ़ सकती है, और 650 से नीचे होने पर लोन मिलना ही मुश्किल होता है। समय पर क्रेडिट कार्ड बिल और EMI चुकाना स्कोर बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
टैक्स छूट का पूरा लाभ उठाएँ। पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 80C के तहत मूलधन पुनर्भुगतान पर ₹1.5 लाख और धारा 24(b) के तहत ब्याज पर ₹2 लाख तक की वार्षिक कटौती मिलती है — यानी सालाना ₹3.5 लाख तक की कर योग्य आय कम होती है। 30% टैक्स ब्रैकेट में होने पर यह सालाना ₹1,05,000 की टैक्स बचत है।
फ्लोटिंग रेट का चुनाव करें अगर लोन अवधि 10+ साल है। भारत में फ्लोटिंग रेट आमतौर पर फिक्स्ड रेट से 1-2% कम होता है, और लंबी अवधि में RBI रेपो रेट ऊपर-नीचे होता रहता है। इसके अलावा, फ्लोटिंग रेट पर प्रीपेमेंट पेनल्टी शून्य है।
महिला सह-आवेदक बनाएँ। SBI, HDFC और अधिकांश बैंक महिला आवेदकों को 0.05% कम ब्याज दर देते हैं। कुछ राज्यों में महिला के नाम पर रजिस्ट्री होने पर स्टांप ड्यूटी में भी छूट मिलती है।
होम लोन EMI के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
₹50 लाख की सैलरी पर कितने का होम लोन मिल सकता है?
अधिकांश भारतीय बैंक आपकी कुल मासिक आय का 50-60% तक EMI के रूप में स्वीकार करते हैं (FOIR — Fixed Obligation to Income Ratio)। ₹50 लाख वार्षिक आय (₹4,16,667 मासिक) पर, अगर कोई अन्य लोन नहीं है, तो अधिकतम EMI लगभग ₹2,08,000 से ₹2,50,000 हो सकती है। 8.50% ब्याज दर और 20 साल की अवधि पर, यह लगभग ₹2.40 करोड़ से ₹2.88 करोड़ तक के लोन में बदलता है। हालाँकि, अन्य कारक जैसे मौजूदा लोन, CIBIL स्कोर, नौकरी की स्थिरता और संपत्ति की लोकेशन भी पात्रता को प्रभावित करते हैं।
फ्लोटिंग रेट और फिक्स्ड रेट होम लोन में क्या अंतर है?
फ्लोटिंग रेट होम लोन में ब्याज दर RBI के रेपो रेट से जुड़ी होती है और बाजार की स्थितियों के अनुसार बदलती रहती है — आपकी EMI ऊपर-नीचे हो सकती है। फिक्स्ड रेट में ब्याज दर पूरी अवधि (या एक निश्चित प्रारंभिक अवधि) के लिए स्थिर रहती है, लेकिन यह आमतौर पर फ्लोटिंग रेट से 1-2% अधिक होती है। भारत में 90% से अधिक होम लोन फ्लोटिंग रेट पर होते हैं क्योंकि ये सस्ते हैं और RBI के जनवरी 2026 के नियम के अनुसार इन पर कोई प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं लगती।
होम लोन के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर कितना चाहिए?
भारत में होम लोन के लिए न्यूनतम CIBIL स्कोर 650 माना जाता है, लेकिन अधिकांश बैंक 750+ स्कोर को प्राथमिकता देते हैं। SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंक 650+ पर विचार कर सकते हैं, जबकि HDFC और ICICI जैसे प्राइवेट बैंक आमतौर पर 700+ चाहते हैं। 750 से ऊपर स्कोर होने पर सबसे कम ब्याज दर और तेज अप्रूवल मिलता है। 650 से नीचे स्कोर होने पर लोन मिलना बहुत कठिन होता है।
होम लोन पर कितनी टैक्स छूट मिलती है?
पुरानी टैक्स व्यवस्था में, होम लोन पर दो प्रकार की कर छूट मिलती है: धारा 80C के तहत मूलधन पुनर्भुगतान पर ₹1,50,000 प्रतिवर्ष और धारा 24(b) के तहत ब्याज भुगतान पर ₹2,00,000 प्रतिवर्ष। इसके अलावा, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी 80C के तहत क्लेम किए जा सकते हैं। ध्यान दें कि नई टैक्स व्यवस्था में ये छूट उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए होम लोन लेने वालों को पुरानी और नई व्यवस्था की तुलना करके उपयुक्त विकल्प चुनना चाहिए।
एमॉर्टाइजेशन शेड्यूल क्या होता है और यह क्यों जरूरी है?
एमॉर्टाइजेशन शेड्यूल लोन की पूरी अवधि में हर महीने के भुगतान का विस्तृत विवरण है — इसमें दिखता है कि प्रत्येक EMI का कितना हिस्सा मूलधन में और कितना ब्याज में जा रहा है। उदाहरण के लिए, ₹40 लाख के लोन पर 8.50% ब्याज और 20 साल अवधि में, पहले महीने की ₹34,686 EMI में ₹28,333 ब्याज और केवल ₹6,353 मूलधन होता है। 10 साल (120वीं किस्त) के बाद, अनुपात बदलकर लगभग ₹17,500 ब्याज और ₹17,186 मूलधन हो जाता है। यह शेड्यूल प्रीपेमेंट का सही समय तय करने में मदद करता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से होम लोन पर कितनी बचत होती है?
PMAY-शहरी के तहत, पात्र खरीदारों को होम लोन के ब्याज पर 3% से 6.5% तक सब्सिडी मिलती है। EWS (वार्षिक आय ₹3 लाख तक) और LIG (₹3-6 लाख) श्रेणी को ₹6 लाख तक के लोन पर 6.5% सब्सिडी मिलती है, जो 20 साल में लगभग ₹2.67 लाख की बचत करती है। MIG-I (₹6-12 लाख आय) को ₹9 लाख तक पर 4% और MIG-II (₹12-18 लाख) को ₹12 लाख तक पर 3% सब्सिडी मिलती है। पात्रता के लिए आवेदक या परिवार के किसी सदस्य के नाम कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
होम लोन प्रीपेमेंट कब और कैसे करें?
प्रीपेमेंट सबसे ज्यादा फायदेमंद लोन के पहले 5-7 वर्षों में होता है क्योंकि इस दौरान EMI का 70-80% ब्याज में जाता है। RBI के जनवरी 2026 के नए नियम के अनुसार, फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लगता, चाहे आंशिक भुगतान हो या पूर्ण फोरक्लोज़र। प्रीपेमेंट के लिए बोनस, इन्क्रीमेंट या टैक्स रिफंड का उपयोग करें। ₹40 लाख के लोन पर हर साल ₹1 लाख का प्रीपेमेंट करने से लोन अवधि 4-5 साल कम हो सकती है और ₹8-10 लाख की ब्याज बचत हो सकती है।
₹30 लाख का होम लोन 20 साल के लिए लेने पर EMI कितनी होगी?
₹30,00,000 का होम लोन 8.50% वार्षिक ब्याज दर पर 20 साल (240 महीने) के लिए लेने पर मासिक EMI लगभग ₹26,015 होती है। पूरी अवधि में आप कुल ₹62,43,600 चुकाएँगे, जिसमें ₹32,43,600 ब्याज है — मूल लोन राशि से भी अधिक। अगर ब्याज दर 7.50% हो, तो EMI घटकर ₹24,168 हो जाती है और कुल ब्याज ₹28,00,320 — यानी सिर्फ 1% कम दर से ₹4,43,280 की बचत। इसलिए सबसे कम ब्याज दर खोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
होम लोन की प्रमुख शब्दावली
EMI (समान मासिक किस्त)
हर महीने बैंक को चुकाई जाने वाली निश्चित राशि जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। पूरी लोन अवधि में EMI राशि स्थिर रहती है (फिक्स्ड रेट पर)।
एमॉर्टाइजेशन
निर्धारित मासिक भुगतानों के माध्यम से धीरे-धीरे लोन चुकाने की प्रक्रिया। शुरुआती किस्तों में ब्याज का हिस्सा अधिक होता है, बाद में मूलधन का हिस्सा बढ़ता जाता है।
LTV (Loan-to-Value) अनुपात
लोन राशि और संपत्ति के मूल्य का अनुपात। RBI के अनुसार, भारत में अधिकतम LTV 80% है (₹75 लाख तक के लोन पर), यानी कम से कम 20% डाउन पेमेंट अनिवार्य है।
CIBIL स्कोर
TransUnion CIBIL द्वारा 300-900 के बीच दिया जाने वाला क्रेडिट स्कोर। होम लोन अप्रूवल और ब्याज दर के लिए 750+ स्कोर आदर्श माना जाता है।
रेपो रेट
RBI द्वारा निर्धारित वह दर जिस पर वह वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है। भारत में फ्लोटिंग रेट होम लोन की ब्याज दर सीधे रेपो रेट से जुड़ी होती है।
प्रीपेमेंट / फोरक्लोज़र
निर्धारित अवधि से पहले लोन का आंशिक या पूर्ण भुगतान। फ्लोटिंग रेट होम लोन पर RBI के नियमानुसार कोई प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लगता।
PMAY (प्रधानमंत्री आवास योजना)
भारत सरकार की योजना जो पात्र पहली बार घर खरीदने वालों को होम लोन ब्याज पर 3% से 6.5% तक सब्सिडी प्रदान करती है।