लोन कैलकुलेटर
मासिक EMI, कुल ब्याज और कुल लागत की गणना करें। 3 लोन ऑफर की तुलना करें। फिक्स्ड और घटती किस्त दोनों।
लोन कैलकुलेटर (EMI कैलकुलेटर) क्या है?
लोन की EMI कैसे कैलकुलेट करें?
लोन EMI का फॉर्मूला
- = समान मासिक किस्त (मूलधन + ब्याज)
- = मूल लोन राशि (उधार ली गई कुल राशि)
- = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर को 12 से विभाजित करें)
- = कुल मासिक किस्तों की संख्या (लोन अवधि वर्षों में × 12)
लोन EMI कैलकुलेशन के उदाहरण
पर्सनल लोन: कर्ज एकीकरण के लिए ₹3,00,000
कार लोन: ₹8,00,000 की नई कार 5 साल में
दो लोन ऑफर की तुलना: कौन सा सस्ता?
लोन पर पैसे बचाने के सुझाव
- लोन लेने से पहले कम से कम 3-4 बैंकों और NBFC से ब्याज दर की तुलना करें। मार्च 2026 में भारत में पर्सनल लोन दरें 9.99% (HDFC/कोटक) से 24% (NBFC) तक हैं। सिर्फ 1% कम दर ₹5 लाख के 3 साल के लोन पर ₹8,000-₹10,000 बचा सकती है।
- जितनी छोटी अवधि चुन सकें, उतनी चुनें। ₹5,00,000 का लोन 12% पर 3 साल में लेने पर कुल ब्याज ₹99,064; वही लोन 5 साल में लेने पर ब्याज ₹1,67,334 — यानी 2 साल अधिक अवधि से 69% ज्यादा ब्याज। छोटी अवधि में EMI ज्यादा होगी, लेकिन कुल बचत बहुत अधिक होती है।
- जब भी संभव हो, अतिरिक्त मूलधन भुगतान (प्रीपेमेंट) करें। बोनस, इन्क्रीमेंट या टैक्स रिफंड को सीधे लोन में डालें। ₹5 लाख के लोन पर हर महीने सिर्फ ₹1,000 अतिरिक्त देने से 3-5 महीने पहले लोन चुक सकता है और ₹5,000-₹12,000 ब्याज बचता है।
- प्रीपेमेंट पेनल्टी पहले जाँचें। RBI के जनवरी 2026 के नए नियम के अनुसार, फ्लोटिंग रेट लोन (व्यक्तिगत, गैर-व्यावसायिक) पर कोई प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र शुल्क नहीं लगता — चाहे आंशिक भुगतान हो या पूर्ण। हालाँकि, फिक्स्ड रेट लोन पर 2-5% तक शुल्क लग सकता है।
- CIBIL स्कोर 750 से ऊपर रखें। 750+ स्कोर पर बैंक सबसे कम ब्याज दर और तेज अप्रूवल देते हैं। 700 से नीचे होने पर दर 2-4% तक बढ़ सकती है, और 650 से नीचे होने पर लोन मिलना ही मुश्किल होता है। समय पर क्रेडिट कार्ड बिल और मौजूदा EMI चुकाना स्कोर बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है।
- प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों को लागत में शामिल करें। ICICI बैंक लोन राशि की 2% तक प्रोसेसिंग फीस लेता है, HDFC ₹6,500 + GST तक, और SBI 1-2% + GST। ₹5 लाख के लोन पर 2% फीस = ₹10,000 + GST — यह भी आपकी कुल उधार लागत का हिस्सा है।
- सिर्फ EMI या ब्याज दर नहीं, कुल लोन लागत की तुलना करें। कम EMI अक्सर लंबी अवधि का मतलब है जिसमें ज्यादा ब्याज लगता है। कुल ब्याज प्रतिशत (कुल ब्याज ÷ लोन राशि) से असली लागत पता चलती है।
लोन EMI के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
₹5 लाख के पर्सनल लोन की EMI कितनी होगी?
₹5,00,000 के पर्सनल लोन की EMI ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करती है। 11% ब्याज दर पर 3 साल (36 महीने) के लिए EMI लगभग ₹16,369 और कुल ब्याज ₹89,284। वहीं 14% पर 5 साल (60 महीने) के लिए EMI ₹11,634 लेकिन कुल ब्याज ₹1,98,040 — दोगुने से भी ज्यादा। छोटी अवधि में EMI अधिक होती है लेकिन कुल ब्याज काफी कम।
समान किस्त (EMI) और घटती किस्त में क्या अंतर है?
समान किस्त (फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन) में पूरी अवधि के दौरान हर महीने एक ही राशि चुकानी होती है — शुरू में ज्यादा ब्याज और कम मूलधन, बाद में उलटा। घटती किस्त (लीनियर एमॉर्टाइजेशन) में हर महीने बराबर मूलधन चुकाया जाता है लेकिन ब्याज घटते बैलेंस पर लगता है, जिससे किस्तें समय के साथ कम होती जाती हैं। ₹5,00,000 के लोन पर 12% ब्याज और 5 साल अवधि में, समान किस्त पद्धति में कुल ब्याज ₹1,67,334 जबकि घटती किस्त में ₹1,55,000 — यानी ₹12,334 की बचत। लेकिन घटती किस्त में पहली किस्त ₹13,333 होती है जबकि समान किस्त ₹11,122।
लोन की प्रोसेसिंग फीस कितनी होती है?
भारत में मार्च 2026 में, प्रमुख बैंकों की पर्सनल लोन प्रोसेसिंग फीस: ICICI बैंक लोन राशि की 2% तक, HDFC बैंक ₹6,500 + GST तक, SBI लोन राशि की 1-2% + GST, कोटक महिंद्रा 2.5% तक। कार लोन में फीस आमतौर पर 0.5-1% तक होती है। यह फीस लोन राशि से कटती है या अलग से ली जाती है — दोनों स्थितियों में यह आपकी उधार लागत बढ़ाती है। लोन की तुलना करते समय प्रोसेसिंग फीस + GST को हमेशा शामिल करें।
क्या लोन का प्रीपेमेंट करना फायदेमंद है?
हाँ, ज्यादातर मामलों में प्रीपेमेंट फायदेमंद है। अतिरिक्त भुगतान सीधे मूलधन घटाते हैं, जिससे भविष्य की सभी किस्तों पर ब्याज कम लगता है। ₹5,00,000 के लोन पर 12% ब्याज और 5 साल अवधि में, हर महीने ₹2,000 अतिरिक्त देने से लोन लगभग 3.5 साल में चुक जाता है और ₹45,000-₹50,000 ब्याज बचता है। RBI के जनवरी 2026 के नए नियम के अनुसार, फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लगता। लेकिन फिक्स्ड रेट लोन पर 2-5% तक फोरक्लोज़र चार्ज हो सकता है — पहले जाँचें।
लोन पात्रता कैसे तय होती है? कितनी सैलरी पर कितना लोन मिलता है?
भारत में बैंक FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio) के आधार पर पात्रता तय करते हैं — आपकी कुल EMI (मौजूदा + नई) आपकी मासिक आय के 40-50% से अधिक नहीं होनी चाहिए। सामान्य नियम: मासिक सैलरी × 10 से 24 = अधिकतम लोन राशि। उदाहरण: ₹50,000 मासिक आय पर, अधिकतम EMI ₹20,000-₹25,000 हो सकती है, जो 11% ब्याज और 5 साल अवधि पर ₹7,50,000-₹9,50,000 तक के लोन में बदलती है। CIBIL स्कोर 750+ होने पर उच्च गुणक मिलता है।
एजुकेशन लोन की EMI कब शुरू होती है और ब्याज दर कितनी है?
भारत में एजुकेशन लोन पर मोरेटोरियम पीरियड मिलता है — पढ़ाई के दौरान + कोर्स खत्म होने के 6-12 महीने बाद तक EMI शुरू नहीं होती, लेकिन ब्याज जमा होता रहता है (सिंपल इंटरेस्ट)। मार्च 2026 में एजुकेशन लोन ब्याज दरें: SBI स्कॉलर लोन 8.15% से, बैंक ऑफ बड़ौदा 7.90% से, HDFC क्रेडिला 9% से। PM विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ₹10 लाख तक के लोन पर ₹8 लाख तक पारिवारिक आय वालों को 3% ब्याज सब्सिडी मिलती है।
EMI बाउंस होने पर क्या होता है?
EMI बाउंस होने पर तीन तरह का नुकसान होता है: पहला, बैंक ₹300-₹750 + GST तक चेक/ECS बाउंस चार्ज लगाता है। दूसरा, लेट पेमेंट पेनल्टी 1-2% प्रति माह (बकाया EMI पर) लगती है। तीसरा और सबसे गंभीर, आपका CIBIL स्कोर 30-80 अंक तक गिर सकता है। लगातार 90 दिन से अधिक बकाया रहने पर लोन NPA (Non-Performing Asset) घोषित हो सकता है। अगर EMI भरने में कठिनाई हो रही है, तो बाउंस होने से पहले बैंक से संपर्क करके EMI रिस्ट्रक्चरिंग या अवधि बढ़ाने का विकल्प माँगें।
लोन बैलेंस ट्रांसफर क्या है और कब करना चाहिए?
लोन बैलेंस ट्रांसफर में आप अपने मौजूदा लोन को किसी दूसरे बैंक में कम ब्याज दर पर ट्रांसफर करते हैं। यह फायदेमंद तब है जब: (1) नई ब्याज दर कम से कम 1.5-2% कम हो, (2) लोन अवधि का कम से कम 50% बाकी हो, और (3) ट्रांसफर की लागत (प्रोसेसिंग फीस + कानूनी शुल्क) ब्याज बचत से कम हो। उदाहरण: ₹4,00,000 का पर्सनल लोन 14% पर 4 साल बाकी है, और दूसरा बैंक 11% ऑफर करता है। ट्रांसफर से कुल ब्याज बचत ₹25,000-₹30,000 हो सकती है, जो ₹5,000-₹8,000 ट्रांसफर लागत से काफी अधिक है।
लोन से जुड़ी प्रमुख शब्दावली
EMI (समान मासिक किस्त)
हर महीने बैंक को चुकाई जाने वाली निश्चित राशि जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। EMI = Equated Monthly Installment।
मूलधन (Principal)
बैंक से उधार ली गई मूल राशि, बिना ब्याज या फीस के। जैसे-जैसे आप किस्तें चुकाते हैं, मूलधन बैलेंस घटता जाता है।
CIBIL स्कोर
TransUnion CIBIL द्वारा 300-900 के बीच दिया जाने वाला क्रेडिट स्कोर। 750+ स्कोर पर सबसे कम ब्याज दर और तेज लोन अप्रूवल मिलता है। EMI या क्रेडिट कार्ड भुगतान में देरी से स्कोर गिरता है।
एमॉर्टाइजेशन शेड्यूल
लोन की पूरी अवधि में हर किस्त का विस्तृत विवरण — कितना मूलधन में गया, कितना ब्याज में, और शेष बैलेंस कितना है। प्रीपेमेंट का सही समय तय करने में यह बहुत उपयोगी है।
प्रोसेसिंग फीस
लोन स्वीकृत करते समय बैंक द्वारा ली जाने वाली एकबारगी फीस, आमतौर पर लोन राशि की 0.5-2.5% + GST। यह लोन राशि से कटती है या अलग से चुकानी होती है।
फोरक्लोज़र (Foreclosure)
निर्धारित अवधि से पहले पूरे लोन का एकमुश्त भुगतान। फ्लोटिंग रेट लोन पर RBI के जनवरी 2026 के नियमानुसार कोई फोरक्लोज़र शुल्क नहीं लगता।
FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio)
आपकी मासिक आय में से सभी EMI (मौजूदा + प्रस्तावित) का अनुपात। बैंक आमतौर पर 40-50% तक FOIR स्वीकार करते हैं। इससे अधिक होने पर लोन अस्वीकृत हो सकता है।
