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लोन तुलना

3 लोन परिदृश्यों की तुलना करें। देखें किस लोन पर कुल ब्याज कम है।

लोन तुलना कैलकुलेटर। 3 लोन ऑफर की साथ-साथ तुलना करें।
लोन तुलना कैलकुलेटर एक साथ कई लोन ऑफर का मूल्यांकन करता है और हर विकल्प की मासिक EMI, कुल ब्याज और कुल लागत दिखाता है। यह फिक्स्ड-पेमेंट और घटती-किस्त दोनों पद्धतियों को सपोर्ट करता है ताकि आप अलग-अलग अवधि, दर और भुगतान संरचना में सबसे सस्ता लोन पहचान सकें।

लोन तुलना कैलकुलेटर (EMI Compare) क्या है?

लोन तुलना कैलकुलेटर एक वित्तीय उपकरण है जो आपको 3 लोन ऑफर एक साथ रखकर हर ऑफर की मासिक EMI, कुल ब्याज और कुल लागत की तुलना करने देता है — ताकि आप तुरंत पहचान सकें कि कौन सा लोन सबसे सस्ता है। यह अनुमान लगाने की जगह सटीक आँकड़ों से तुलना करता है।
जब अलग-अलग बैंकों या NBFC से कई लोन ऑफर आते हैं, तो फ़र्क छोटा दिखता है लेकिन खर्च बड़ा होता है। उदाहरण: ₹5,00,000 का पर्सनल लोन SBI से 11% पर 3 साल के लिए लेने पर कुल ब्याज ₹88,084 आता है, जबकि वही राशि बजाज फाइनेंस से 13% पर 5 साल के लिए लेने पर कुल ब्याज ₹1,84,024 — कम ब्याज दर होने के बावजूद लंबी अवधि के कारण लगभग दोगुना ब्याज। लोन तुलना कैलकुलेटर ये छिपे ट्रेड-ऑफ तुरंत दिखाता है।
ज़्यादातर EMI कैलकुलेटर केवल समान किस्त (फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन/EMI) पद्धति सपोर्ट करते हैं। यह कैलकुलेटर घटती किस्त (लीनियर एमॉर्टाइजेशन) पद्धति भी सपोर्ट करता है, और आप दोनों पद्धतियों के लोन आपस में तुलना कर सकते हैं — जैसे SBI का EMI वाला होम लोन बनाम किसी को-ऑपरेटिव बैंक का घटती किस्त वाला ऑफर — यह देखने के लिए कि वास्तव में कौन सा सस्ता पड़ता है।

लोन ऑफर की तुलना कैसे करें? चरण-दर-चरण गाइड

लोन ऑफर की सही तुलना करने के लिए सिर्फ EMI या ब्याज दर देखना काफी नहीं है — आपको कुल लागत की गणना करनी होगी। यहाँ व्यवस्थित तरीके से तुलना करने की प्रक्रिया दी गई है:
1. हर लोन ऑफर की मुख्य जानकारी इकट्ठा करें: लोन राशि (मूलधन), वार्षिक ब्याज दर, लोन अवधि (वर्षों या महीनों में), और एमॉर्टाइजेशन पद्धति (समान किस्त/EMI या घटती किस्त)।
2. हर लोन की मासिक EMI कैलकुलेट करें। समान किस्त पद्धति में मानक एमॉर्टाइजेशन फॉर्मूला लगाएँ। घटती किस्त पद्धति में लोन राशि को कुल महीनों से भाग दें और घटते बैलेंस पर ब्याज जोड़ें।
3. हर लोन का कुल ब्याज निकालें — सभी किस्तों का योग करें और उसमें से मूल लोन राशि घटाएँ।
4. कुल लागत निकालें: मूलधन + कुल ब्याज + शुल्क (प्रोसेसिंग फीस + GST, अन्य चार्ज)।
5. तीनों मापदंड — मासिक EMI, कुल ब्याज, और कुल लागत — एक साथ रखकर तुलना करें। सबसे कम कुल लागत वाला लोन आमतौर पर सबसे अच्छा है, जब तक कि आपकी प्राथमिकता मासिक बजट में सुविधा न हो।
उदाहरण: ₹8,00,000 के कार लोन पर तीन ऑफर मिले हैं। ऑफर A: HDFC बैंक 8.50% पर 3 साल (EMI पद्धति)। ऑफर B: SBI 8.75% पर 5 साल (EMI पद्धति)। ऑफर C: बैंक ऑफ बड़ौदा 8.60% पर 4 साल (घटती किस्त)। मासिक भुगतान: A = ₹25,242, B = ₹16,480, C = ₹22,400 (पहले महीने, फिर घटती)। लेकिन कुल ब्याज: A = ₹1,08,712, B = ₹1,88,800, C = ₹1,38,267। ऑफर A कुल लागत में सबसे सस्ता है — भले ही EMI सबसे ज्यादा है।

लोन तुलना के फॉर्मूले (EMI और घटती किस्त)

EMI=P×r(1+r)n(1+r)n1EMI = P \times \frac{r(1 + r)^n}{(1 + r)^n - 1}
  • EMIEMI = समान मासिक किस्त — फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन पद्धति में निश्चित मासिक भुगतान
  • PP = लोन की मूल राशि (उधार ली गई कुल राशि)
  • rr = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12)
  • nn = कुल मासिक किस्तों की संख्या (अवधि वर्षों में × 12)
यह फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन फॉर्मूला है जिसका उपयोग भारत के लगभग सभी बैंक — SBI, HDFC, ICICI, कोटक, बैंक ऑफ बड़ौदा — और NBFC जैसे बजाज फाइनेंस, टाटा कैपिटल करते हैं। इसमें हर EMI उस महीने का ब्याज और मूलधन का एक हिस्सा कवर करती है।
घटती किस्त (लीनियर एमॉर्टाइजेशन) पद्धति में हर महीने की किस्त इस प्रकार निकलती है:
Mk=Pn+(PP×(k1)n)×rM_k = \frac{P}{n} + \left(P - \frac{P \times (k - 1)}{n}\right) \times r
यहाँ k किस्त क्रमांक है (1 से n तक)। पहला हिस्सा हर महीने बराबर मूलधन है, दूसरा हिस्सा शेष बैलेंस पर घटता ब्याज।
लोन तुलना के लिए ये मेट्रिक कैलकुलेट करें:
IEMI=EMI×nPI_{\text{EMI}} = EMI \times n - P
Ilinear=P×r×(n+1)2I_{\text{linear}} = \frac{P \times r \times (n + 1)}{2}
Total Cost=P+I+Fees\text{Total Cost} = P + I + \text{Fees}
सबसे कम कुल लागत वाला लोन आर्थिक दृष्टि से सबसे अच्छा है। हालाँकि, यदि कैश फ्लो आपकी प्राथमिकता है, तो सबसे कम EMI (या घटती किस्त में सबसे कम पहली किस्त) वाला लोन बेहतर हो सकता है — भले ही कुल लागत थोड़ी ज्यादा हो।

लोन तुलना के उदाहरण

पर्सनल लोन: SBI बनाम HDFC बनाम बजाज फाइनेंस — ₹5,00,000

आपको ₹5,00,000 के पर्सनल लोन पर तीन ऑफर मिले हैं। ऑफर A: SBI से 11% ब्याज दर, 3 साल (36 महीने), प्रोसेसिंग फीस ₹5,000 + GST (₹5,900)। ऑफर B: HDFC बैंक से 10.50% ब्याज, 4 साल (48 महीने), प्रोसेसिंग फीस ₹6,500 + GST (₹7,670)। ऑफर C: बजाज फाइनेंस से 13%, 5 साल (60 महीने), कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं। EMI: A = ₹16,369, B = ₹12,821, C = ₹11,371। कुल ब्याज: A = ₹89,284, B = ₹1,15,408, C = ₹1,82,260। फीस सहित कुल लागत: A = ₹5,95,184, B = ₹6,23,078, C = ₹6,82,260। ऑफर A सबसे सस्ता है — ₹27,894 सस्ता B से और ₹87,076 सस्ता C से, भले ही EMI सबसे ज्यादा है। अगर ₹16,369 मासिक बजट में फिट हो, तो ऑफर A सबसे अच्छा विकल्प है।

कार लोन: EMI पद्धति बनाम घटती किस्त पद्धति — ₹8,00,000

₹8,00,000 की कार 8.50% ब्याज दर पर 5 साल (60 महीने) के लिए फाइनेंस कर रहे हैं। बैंक दो पुनर्भुगतान पद्धतियाँ ऑफर करता है। समान किस्त (EMI) पद्धति में हर महीने ₹16,378 देने होंगे, 60 महीने तक, कुल ब्याज ₹1,82,680। घटती किस्त पद्धति में पहली किस्त ₹18,933 से शुरू होगी और हर महीने घटती जाएगी, अंतिम किस्त ₹13,427। कुल ब्याज ₹1,74,167 — यानी ₹8,513 की बचत। घटती किस्त में पहले साल हर महीने करीब ₹2,500 ज्यादा देने होंगे, लेकिन दूसरे साल से भुगतान EMI से भी कम हो जाता है। अगर आपकी आय शुरुआती ऊँची किस्तें सहन कर सकती है, तो घटती किस्त पद्धति आर्थिक रूप से बेहतर है क्योंकि शुरू में ही मूलधन तेजी से चुकाया जाता है।

एजुकेशन लोन तुलना: ₹10,00,000 — सरकारी बैंक बनाम प्राइवेट बैंक

₹10,00,000 के एजुकेशन लोन पर दो ऑफर मिले। ऑफर A: SBI स्कॉलर लोन 8.65% ब्याज, 7 साल पुनर्भुगतान (मोरेटोरियम के बाद)। ऑफर B: HDFC क्रेडिला 10.50% ब्याज, 10 साल पुनर्भुगतान। पहली नजर में ऑफर B अच्छा लगता है क्योंकि EMI कम है (₹13,493 बनाम ₹15,892)। लेकिन कुल ब्याज की तुलना करें: ऑफर A = ₹3,34,928; ऑफर B = ₹6,19,160। ऑफर A ₹2,84,232 सस्ता है। SBI से अतिरिक्त फायदा: PM विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ₹8 लाख तक पारिवारिक आय वालों को 3% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है, जो प्रभावी दर 5.65% तक ला सकती है। एजुकेशन लोन की तुलना करते समय मोरेटोरियम अवधि, ब्याज सब्सिडी और कुल ब्याज — तीनों देखें।

सबसे सस्ता लोन चुनने के सुझाव

  • लोन लेने से पहले कम से कम 3-4 बैंकों और NBFC की पेशकशों की तुलना करें। मार्च 2026 में भारत में पर्सनल लोन दरें 9.98% (कोटक/HDFC) से 24% (छोटे NBFC) तक हैं। सिर्फ 1.5% कम ब्याज दर ₹5,00,000 के 3 साल के लोन पर ₹12,000-₹15,000 बचा सकती है।
  • हमेशा कुल लागत की तुलना करें, सिर्फ EMI या ब्याज दर की नहीं। कम EMI का मतलब अक्सर लंबी अवधि और ज्यादा कुल ब्याज होता है। ₹5,00,000 का लोन 11% पर 3 साल में कुल ब्याज ₹89,284 लगता है, लेकिन वही लोन 5 साल में लेने पर ₹1,53,668 — यानी 72% ज्यादा ब्याज सिर्फ 2 साल अतिरिक्त अवधि के लिए।
  • प्रोसेसिंग फीस + GST को कुल लागत में शामिल करें। ICICI बैंक लोन राशि की 2% तक, HDFC ₹6,500 + GST तक, और SBI 1-2% + GST लेता है। ₹5,00,000 के लोन पर 2% फीस = ₹10,000 + ₹1,800 GST = ₹11,800 अतिरिक्त — यह भी उधार लागत है।
  • एमॉर्टाइजेशन पद्धति के बारे में पूछें। भारत में ज्यादातर बैंक EMI (फ्रेंच) पद्धति देते हैं, लेकिन कुछ को-ऑपरेटिव बैंक और HFC घटती किस्त (लीनियर) पद्धति भी ऑफर करते हैं। ₹10,00,000 के 8% होम लोन पर 15 साल में, EMI पद्धति से कुल ब्याज ₹7,20,173 जबकि घटती किस्त से ₹6,03,333 — ₹1,16,840 की बचत।
  • प्रीपेमेंट शर्तें जरूर जाँचें। RBI के 1 जनवरी 2026 से लागू नियम के अनुसार, फ्लोटिंग रेट लोन (व्यक्तिगत, गैर-व्यावसायिक) पर कोई प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र शुल्क नहीं लगता। लेकिन फिक्स्ड रेट लोन पर 2-5% तक शुल्क लग सकता है।
  • CIBIL स्कोर 750+ रखें। अच्छे स्कोर पर बैंक 1-3% तक कम ब्याज दर देते हैं। ₹10,00,000 के होम लोन पर 20 साल में 1% कम दर से ₹1,40,000+ ब्याज बचता है। लोन आवेदन करने से पहले क्रेडिट स्कोर मुफ्त में चेक करें।
  • अपनी EMI-से-आय अनुपात (FOIR) 40-50% के अंदर रखें। गणित में सबसे सस्ता लोन हमेशा सबसे अच्छा नहीं होता। अगर मासिक EMI आपकी आय का बहुत बड़ा हिस्सा ले रही है, तो मिस्ड पेमेंट और लेट फीस का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसी अवधि चुनें जिसमें EMI आपकी नेट सैलरी के 10-15% से अधिक न हो।

लोन तुलना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलग-अलग ब्याज दर और अवधि वाले लोन ऑफर की तुलना कैसे करें?

अलग-अलग ब्याज दर और अवधि वाले लोन की तुलना करने के लिए हर ऑफर की तीन चीज़ें कैलकुलेट करें: मासिक EMI, कुल ब्याज, और कुल लागत (मूलधन + ब्याज + शुल्क)। हर लोन की राशि, ब्याज दर और अवधि तुलना कैलकुलेटर में डालें और परिणाम साथ-साथ देखें। सबसे कम कुल लागत वाला लोन आमतौर पर सबसे अच्छा है। उदाहरण: ₹5,00,000 का लोन 10% पर 3 साल में कुल ब्याज ₹80,798, जबकि 12% पर 5 साल में ₹1,67,334 — छोटी अवधि वाला लोन ₹86,536 सस्ता है, भले ही EMI ज्यादा हो।

क्या कम ब्याज दर वाला लोन हमेशा सस्ता होता है?

नहीं। कम ब्याज दर का मतलब हमेशा सस्ता लोन नहीं होता। लोन अवधि उतनी ही महत्वपूर्ण है, और कभी-कभी ज्यादा। 5 साल का लोन 9% पर कुल ब्याज में 3 साल के 11% वाले लोन से ज्यादा खर्चीला हो सकता है क्योंकि ब्याज लंबे समय तक जमा होता है। इसके अलावा, प्रोसेसिंग फीस (आमतौर पर 1-2.5% + GST) कम ब्याज दर का फायदा खा सकती है। हमेशा कुल लागत — मूलधन + कुल ब्याज + सभी शुल्क — की तुलना करें।

EMI पद्धति (फ्रेंच) और घटती किस्त पद्धति (लीनियर) में क्या अंतर है?

EMI (फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन) पद्धति में पूरी अवधि के दौरान हर महीने एक ही राशि चुकानी होती है, जिससे बजटिंग आसान होती है। घटती किस्त (लीनियर एमॉर्टाइजेशन) पद्धति में हर महीने बराबर मूलधन चुकाया जाता है लेकिन ब्याज घटते बैलेंस पर लगता है, इसलिए किस्तें समय के साथ कम होती जाती हैं। घटती किस्त पद्धति में कुल ब्याज हमेशा कम लगता है क्योंकि मूलधन शुरू से तेजी से चुकाया जाता है। ₹10,00,000 के होम लोन पर 8.50% और 10 साल अवधि में, EMI पद्धति में कुल ब्याज ₹4,88,131 जबकि घटती किस्त में ₹4,29,167 — ₹58,964 की बचत।

कम EMI वाला लोन चुनें या कम कुल लागत वाला?

यह आपकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। अगर लक्ष्य कुल खर्च कम करना है, तो सबसे कम कुल लागत वाला लोन चुनें — जो आमतौर पर छोटी अवधि वाला होता है। अगर मासिक बजट तंग है और कम EMI जरूरी है, तो लंबी अवधि स्वीकार्य है — भले ही कुल लागत ज्यादा हो। सामान्य नियम: EMI आपकी मासिक नेट सैलरी के 10-15% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस सीमा के अंदर सबसे छोटी अवधि चुनें।

₹10,00,000 के होम लोन पर SBI और HDFC में कौन सस्ता है?

मार्च 2026 में SBI होम लोन ब्याज दर 8.50% से और HDFC बैंक 8.75% से शुरू होती है। ₹10,00,000 के लोन पर 20 साल अवधि में: SBI पर EMI ₹8,678 और कुल ब्याज ₹10,82,720। HDFC पर EMI ₹8,836 और कुल ब्याज ₹11,20,640। SBI ₹37,920 सस्ता पड़ता है। हालाँकि, HDFC प्रोसेसिंग तेज़ है और कुछ मामलों में कम प्रोसेसिंग फीस लेता है। अंतिम दर आपके CIBIL स्कोर, आय और प्रॉपर्टी पर निर्भर करती है — दोनों बैंकों से सैंक्शन लेटर लें और कुल लागत की तुलना करें।

लोन तुलना करते समय ब्याज दर के अलावा और क्या देखें?

ब्याज दर के अलावा इन बातों की तुलना करें: प्रोसेसिंग फीस + GST (1-2.5%), प्रीपेमेंट शर्तें (फ्लोटिंग रेट पर RBI के अनुसार कोई शुल्क नहीं, फिक्स्ड रेट पर 2-5%), लेट पेमेंट पेनल्टी (₹300-₹750 + ब्याज 1-2% प्रति माह), एमॉर्टाइजेशन पद्धति (EMI या घटती किस्त), और ब्याज दर का प्रकार (फिक्स्ड या फ्लोटिंग)। फ्लोटिंग रेट लोन RBI रेपो रेट से जुड़ा होता है — अगर दर बढ़ी तो EMI या अवधि बढ़ सकती है।

छोटी अवधि चुनने से कितना ब्याज बचता है?

छोटी अवधि से बचत बहुत ज्यादा होती है। ₹5,00,000 का पर्सनल लोन 11% पर 3 साल में लेने पर कुल ब्याज ₹89,284 जबकि 5 साल में ₹1,53,668 — छोटी अवधि से ₹64,384 (42%) बचत। ₹10,00,000 का होम लोन 8.50% पर 15 साल में कुल ब्याज ₹7,52,222 जबकि 20 साल में ₹10,82,720 — 5 साल कम अवधि से ₹3,30,498 बचत। सामान्य नियम: अवधि 2 साल कम करने से कुल ब्याज 30-50% तक घट सकता है।

क्या अलग-अलग एमॉर्टाइजेशन पद्धति वाले लोन की तुलना कर सकते हैं?

हाँ। हमारा लोन तुलना कैलकुलेटर अलग-अलग एमॉर्टाइजेशन पद्धति वाले लोन साथ-साथ तुलना करने देता है। आप एक बैंक के EMI (फ्रेंच) पद्धति वाले लोन की तुलना दूसरे बैंक की घटती किस्त (लीनियर) पद्धति से कर सकते हैं। यह खासतौर पर तब उपयोगी है जब आप सरकारी बैंक (जो आमतौर पर EMI पद्धति देते हैं) के ऑफर की तुलना को-ऑपरेटिव बैंक या HFC (जो कभी-कभी घटती किस्त देते हैं) से कर रहे हों। ज्यादातर अन्य EMI कैलकुलेटर सिर्फ EMI पद्धति सपोर्ट करते हैं।


लोन तुलना की प्रमुख शब्दावली

EMI (समान मासिक किस्त)

Equated Monthly Installment — हर महीने बैंक को चुकाई जाने वाली निश्चित राशि जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। भारत में पर्सनल लोन, कार लोन और होम लोन — सभी में EMI पद्धति सबसे आम है।

फ्रेंच एमॉर्टाइजेशन (समान किस्त पद्धति)

लोन चुकाने की पद्धति जिसमें पूरी अवधि में हर महीने एक ही राशि (EMI) देनी होती है। शुरू में ज्यादा हिस्सा ब्याज में जाता है और कम मूलधन में; बाद में यह उलट जाता है। भारत में यह सबसे प्रचलित पद्धति है।

लीनियर एमॉर्टाइजेशन (घटती किस्त पद्धति)

लोन चुकाने की पद्धति जिसमें हर महीने बराबर मूलधन चुकाया जाता है, लेकिन ब्याज घटते बैलेंस पर लगता है — इसलिए किस्तें समय के साथ कम होती जाती हैं। कुल ब्याज हमेशा EMI पद्धति से कम लगता है।

कुल ब्याज (Total Interest)

लोन की पूरी अवधि में चुकाए गए ब्याज की कुल राशि। कुल भुगतान में से मूल लोन राशि घटाने पर यह प्राप्त होता है। लोन तुलना में यह सबसे महत्वपूर्ण मापदंड है।

प्रोसेसिंग फीस

लोन स्वीकृत करते समय बैंक द्वारा ली जाने वाली एकबारगी फीस, आमतौर पर लोन राशि की 0.5-2.5% + 18% GST। यह लोन वितरण से पहले काटी जाती है या अलग से ली जाती है। तुलना करते समय इसे कुल लागत में शामिल करें।

CIBIL स्कोर

TransUnion CIBIL द्वारा 300-900 के बीच दिया जाने वाला क्रेडिट स्कोर। 750+ स्कोर पर बैंक सबसे कम ब्याज दर और बेहतर शर्तें देते हैं। 700 से नीचे होने पर ब्याज दर 2-4% तक बढ़ सकती है।

कुल लोन लागत (Total Cost of Loan)

लोन पर चुकाई गई पूरी राशि — मूलधन + कुल ब्याज + सभी शुल्क (प्रोसेसिंग फीस, GST, बीमा आदि)। लोन ऑफर की तुलना करने का सबसे विश्वसनीय मापदंड, क्योंकि यह ब्याज दर, अवधि और शुल्क — सबका हिसाब एक साथ रखता है।